07 दिसंबर 2013

मौत भी झूठ बोलने लगी

अब क्या लिखूँ । सब कुछ बेमानी सा, उजाङ सा लगने लगा है । मेरे साथ समस्या यह है कि विशाल परिवर्तन की श्रंखला में बहुत कुछ मुझे नजर सा आता है । और उन सभी के संकेत भी मैं कई लेखों में दे चुका हूँ । यद्यपि मैंने स्पष्ट कहा था - इन संकेतों को मेरी भविष्यवाणी जैसा नाम देना कतई गलत होगा । क्योंकि इनके न होने पर मुझे कोई ग्लानि नहीं होगी । और पूर्णतः हो जाने पर खुद की बात सत्य होने जैसा कोई गर्व महसूस नहीं होगा । और न ही मैं इनके प्रति किसी प्रकार का जबाबदेह हूँ । लेकिन ये संकेत मेरे लिये उन अनुभवों के समान हैं । जो कई जीवन में एकाध बार ही घटित होते हैं । क्योंकि इनका सम्बन्ध प्राकृत प्रलय से है । और ऐसा अक्सर नहीं होता । प्रथमदृष्टया ये संकेत मैंने चार पाँच लोगों के साथ साझा किये थे । ताकि बाद में इनकी सत्यता, इनका क्या रहस्य आदि मिलान किया जा सके । कुछ दुर्लभ वैज्ञानिक सूत्रों, समीकरण के संकेत भी उनके विज्ञान समेत आये । जिनमें गामा किरण की प्रथ्वी और सागर तल में खास हस्तक्षेप, तरंग दधर्य की अनुप्रस्थ काट होना, रिक्टर स्केल किस प्रकार असामान्य स्थिति को जायेगा, केन्द्र के घूर्णन में दबाब, ध्रुवों का विपरीत प्रभाव पैदा करना, प्रथ्वी के आधे भाग में कई दिनों तक घटाटोप अंधेरे की स्थिति बनना आदि आदि कई संकेत हैं, थे । दिक्कत यह हुयी कि मुझे इस समय अज्ञात पक्ष, गूढ नियम के अंतर्गत न बताने योग्य, शारीरिक रूप से बहुत परेशानी है । अतः मैं इनको लिख नहीं पाया । और मेरे दो सहयोगियों ने इसको अपने अलग अलग कम्प्यूटर तथा कापी पर लिखा । अतः कई महत्वपूर्ण संकेत इधर उधर हो गये । दूसरे हमारी बातचीत के महत्वपूर्ण और विषय का स्पष्टीकरण करते बिन्दु भी उन्होंने नोट नहीं किये । अन्यथा एक लगभग स्पष्ट दृश्य बनता था ।
खैर..जैसा मैंने कहा । मेरे आभासी संकेतों में कृमशः प्रथ्वी ( थल ) समुद्र, पानी का बेहद प्रदूषित हो जाना ( जल ) आकाश ( नाक्षत्रिक, तरंगे आदि ) वायु ( विकरण, हानिकारक गैसीय प्रदूषण ) अग्नि ( ज्वालामुखी, विभिन्न कारणों से अग्नि प्रकोप, परमाणु रियेक्टर आदि से संकट, आसमानी अग्नि, बिजली आदि से आपदा ) ये सभी थे । इसके बाद नयी अज्ञात असाध्य बीमारियां आदि भी ।
क्या आपको पता है । पिछले सामान्य रिकार्ड से हटकर ये सभी कुछ असामान्य स्तर की तरफ़ कृमशः बढता हुआ घटित होने लगा । जैसा कि मुझे लगता है । ये सब कुछ बेहद लयात्मक ढंग से हाहाकारी होते हुये भी किसी डरावने मगर शान्त संगीत सा घटित होगा । मतलब हमारे सारे उपाय सारी शक्तियां अप्रभावी होंगी । एक मूकदर्शक की तरह ही इसे देखा जा सकेगा । हालांकि अभी मैं स्पष्ट नहीं हूँ । पर ये सब आगामी वर्ष के अगस्त तक बचे हुये लोगों को एक ऐसा विकट परिवर्तन दिखा सकता है । जो शताब्दियों या सहस्त्राब्दियों में देखने में आता है । क्योंकि मेरा सम्बन्ध भारत से है । अतः बहुत लोग भारत पर क्या और कितना प्रभाव ? के बारे में पूछते हैं । पर मुझे मंसूर के गुरु जुनैद की बात याद आती हैं । जिसमें उन्होंने सामने जाती मौत से पूछा । तो उसने कहाँ - सामने के गाँव से हजार लोगों को लेने जा रही हूँ । मगर दस हजार मर गये । गुरु ने सोचा । मौत भी झूठ बोलने लगी । दोबारा सामना होने पर उन्होंने झूठ का कारण पूछा । तो मौत बोली - झूठ जैसा कुछ नहीं है । मैंने तो सिर्फ़ हजार लोग ही मारे । बाकी नौ हजार तो भय से मर गये । और ऐसे भय से क्या लाभ ?
विश्वास न हो । तो यहाँ देखा करो ।
http://www.emsc-csem.org/Earthquake/
http://www.emsc-csem.org/Earthquake/significant_earthquakes.php
http://www.accuweather.com/en/us/united-states-weather

http://endtimeheadlines.wordpress.com/2013/12/07/gale-force-winds-batter-europe-as-thousands-in-u-k-face-more-flooding/

http://www.dailymail.co.uk/news/article-2519364/Death-toll-rises-Americas-big-freeze-Tens-thousands-warned-power-weeks-ice-storms-bring-cables.html

It's not bad. It's change. Life is dynamic and never stays the same for a second. What is static, in nature, is dead. It's how we react to this change that defines us. Change challenges humans to evolve, and innovate- and the world becomes a better place as a result. Look how the 2011 9.0 magnitude earthquake pushed Japan into the field of clean energy- solar power. 

http://www.sott.net/article/269762-4-5-magnitude-earthquake-shakes-Oklahoma-rattling-nerves

http://www.youtube.com/watch?v=-N4-QxLV2gQ


http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/antarctica/10470887/Singapore-sized-iceberg-breaks-off-in-Antarctica.html

http://www.youtube.com/watch?v=1YJf1ih36fo

http://www.cbsnews.com/news/arctic-sea-ice-larger-than-us-melted-this-year/

https://www.facebook.com/pages/The-Extinction-Protocol/151489344873301

पृथ्वी रुक रुक कर कम्पित होगी

ये सभी संकेत पिछले दिनों में । और इनमें से कई घटनायें होने भी लगी । कृपया हालिया कुछ घटनाओं हेतु निम्न साइट देखें ।
- ज्वालामुखी, भूकंप, धूमकेतु, हिमयुग, समुद्रों का खौलना, समुद्रों में अम्लता का बढ़ना, पृथ्वी की घूर्णन गति का धीमा होना, समुद्री जीवों का मरना, भयावह मौसम, महामारी, आबादी का नाश ।
http://www.sott.net/article/269256-Volcanic-eruptions-rising-CO2-boiling-oceans-and-why-man-made-global-warming-is-not-even-wrong
आसमानी घटनाओं हेतु
http://www.sott.net/category/17-Fire-in-the-Sky
प्रथ्वी की घटनाओं हेतु
http://www.sott.net/category/4-Earth-Changes
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा । चिङिया रैन बसेरा ।
**********
अंगकोर वट होगा विदीर्ण ( ध्वस्त )  । 
बोलीविया में नरक का नजारा । 
मलय भूमि पर होगा नए द्वीप का विस्तार ।
मिशीगन में जल भराव  ।
रेडियोधर्मी विकरण का गहन दुष्प्रभाव ।
यूगोस्लाविया का तटबंध हटा ।
मिजोरम में द्वीप समूह का निर्माण ।
पृथ्वी के केंद्र के घूर्णन पर दबाव बढेगा ।
इससे रिक्टर स्केल में वृद्धि होगी ।
5 गुना वृद्धि होगी । 3 पैमाने, स्तर होंगे - 5, 10 और 15 ।
15 (  के पैमाने ) हवाई द्वीपों पर होंगे ।
10  तक के रिहाइशी इलाकों पर होंगे ।
एक तिहाई आबादी जल में समा जाएगी ।
दो तिहाई का नामोनिशान मिट जायेगा ।
वर्मा में कहर ।
मोंट्रियल ओट्टावा ( तट पर कहर ) ।
जोशुआ ट्री, येलो स्टोन सक्रिय ।
पृथ्वी पर बहुत सी जगहों पर भूगर्भ जल स्तर शून्य ।
बाहरी जल स्तर बढेगा ।
पृथ्वी की घूर्णन गति ( केंद्र में ) ... ?
( अदृश्य ) प्राकृत प्रलय ।
न्यू जकार्ता ।
पृथ्वी के केंद्र में दबाव 300 घन मीटर बढेगा ।
100 करोड़ लोग आग से प्रभावित ।
नार्थ करोलिना में धूमकेतु से तबाही ।
कैस्पियन सागर में कुछ होगा ।
एटलांटा के ध्रुव पर होल ( छेद ) ।
अमेरिका रूस के ऊपर दबाव दाल रहा है कि वो चीन का विरोध करे ।
(?) रासायनिक हथियारों की खेप है ।
अलास्का के 100 km दायरे में तूफ़ान आयेगा  ।
हिमशिला बही ।
सीप या शीप ( भेड़ ?) में महामारी ।
85 नए धूमकेतु ।
न्यू डील नाम का वायरस जो कंप्यूटर को हैक कर लेगा ।
सभी प्रमुख कंप्यूटर निष्क्रिय । 
सूचना तंत्र के आधार ( सर्वर ) पर हमला ।
सूचना तंत्र पर असर ।
प्राकृत प्रलय ( अंदरूनी घटकों से ) ।
राशुआ (?) ।
पेंटागन होगा राख का ढेर ।
समुद्र से आ रहे हैं घड़ियाल बाहर ।
85 नए धूमकेतु आ रहे हैं । जुलाई तक इनका आना चालू हो जायेगा ।
भारत के निचले हिस्से डूबेंगे ।
कुपवाड़ा में लहर ।
रोहतक दर्रे में दो झीले उभरेंगी ।
37 नए टापुओं का उदय ।
अभी के 6 टापू क्षितिज तक जलमग्न दिखाई देंगे ।
नॉर्वे से केनिया तक ध्रुव पलटेगा ।
सौर्य विकिरण का तीक्ष्ण प्रभाव ।
रक्त जनित बीमारियों की वृद्धि ।
चिली में भूकंप धराशाई करेगा ।
अमेरिका के दो विमान चीन में चले गए थे । चीन राडार भेदी राकेट मिसाइल पेंटागन पर दागेगा ।
बादलों में काले धब्बे, विकिरण, कार्बोन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ( ऑक्साइड ) सल्फ्यूरिक अम्ल, हेक्साइड, तरल अमोनिया, अम्ल सान्द्रता क्षार बढेगा ।
पृथ्वी रुक रुक कर कम्पित होगी ।
पेंटागन की विदेश नीति विफल ।
बन्दर ( जानवर ) पहाड़ पर जा रहे हैं ।
1 कोशीय अमीबा, जेलीफिश की संरचना विकृत होने लगी ।
उत्तरी हिमखंडों में भीषण टकराव ।
उत्तरी पठारों में घर्षण बल दुगना ।
मेनचेस्टर में काला भूकंप ।
मेन स्ट्रीम में उबाल ।
तुर्कमेनिस्तान से होकर तूफ़ान आएगा सिन्धु घाटी तक ।
लाल सागर में उफान आने वाला है ।
सिन्धु घाटी की तरफ आयेगा ।
300 से 800 km प्रति घंटे की रफ़्तार पकड़ेगा तूफ़ान ।
न्यूज़ीलैण्ड धंस रहा है ।
तूफ़ान तुर्कमेनिस्तान से होकर सिन्धु घाटी तक आएगा ।
इन सभी घटनाओं का असर ( अभी ) मध्य एशिया तक सीमित रहेगा ।
निचले हिस्से में अधिकतर तबाही होगी ।
घटाटोप अन्धकार ।
मलाया और इथोपिया में कुछ होगा ।
मोरक्को में भीषण तबाही ।
रेड रिएक्टर ( गामा विकिरण ) तोड़ेगा चक्रव्यूह ।
आसमानी छतरी होगी पीली ।
फ्लोरिडा हेक्सागन/हेक्सोगन (?) ।
सौर्य तूफानो की गिनती बढ़ेगी ।
सूर्य से निकल कर गामा किरणे चाँद से टकरा कर धरती पर आएँगी ।
ये किरणें समुद्र में कुछ करेंगी ।
हीट एक्सप्लोजन ।
लैला ट्रिपल तूफ़ान  ।
महा केतु का सूर्य से घर्षण ।
हेक्सोगन फ्लोरिडा में जल वृद्धि ।
अटलांटिक सागर से उठेगा नीला तूफ़ान ।
संशोधन करना है - सागर की तलहटी से गैसों का उत्सर्जन बढेगा । इससे टापू धसेंगे ।
संशोधन करना है - बेरुत, त्रिनिदाद में लोहित पट्टी पर धरती धसेगी ।
संशोधन करना है - सीरिया में हवाई हमला, सीरिया टूटेगा ।

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