19 जनवरी 2013

स्त्री पुरुष दोनों में से किसकी मृत्यु पहले ?



इधर 25 NOV 2012 से आश्रम में हूँ । फ़िर से एक बार साधुओं का वही चिरपरिचित घेरा । तरह तरह के साधुओं का साथ । और उनके बीच लगभग अकेला एक शिक्षित साधु । और जैसे मैं उनके लिये आश्चर्य । यहाँ प्रायः साधारण किस्म की भक्ति के ही साधु मिलते हैं । अक्सर जीवन से भागे हुये । पलायनवाद । ऐसे ही क्षणों की चर्चा के बीच मुझे आपके लिये कुछ उपयोगी लगता है । और वह मैं संकलित कर लेता हूँ । देखिये 1 व्यक्ति द्वारा बताया गया तथ्य ।
- हम में राम । तुम में राम । खम्ब में राम । खरग ( घास फ़ूस वगैरह ऐसा सब कुछ ) में राम ।
अक्षर जोङ चौगुने करिये । ता में योग पाँच कर दीजे ।
ता के दूने कर पीछे भाग आठ का दीजे । शेष बचे जो ता पे ध्यान पिता तुम दीजे ।
- यह प्रसंग भक्त प्रहलाद और उसके पिता हिरणाकष्यप के बीच विवाद का है । प्रहलाद कहता था । सभी जगह राम हैं । इसको सिद्ध करने के लिये उसने ऊपर लिखित सूत्र बताया ।
इसके लिये कोई भी चीज या किसी का नाम या कुछ भी कहीं के भी नाम के अक्षर लें । जैसे राजीव में 3 अक्षर हैं । मेज में 2 अक्षर हैं । चन्द्रमा में 5 अक्षर हैं । आकाश में भी 3 अक्षर हैं आदि आदि । अब मान लीजिये । आपको राजीव में राम निकालना है । तो 3 अक्षर । चौगुने किये । तो 12 हुये । इसमें 5 जोङे । तो 17 हुये । फ़िर 17 के दोगुने किये । तो 34 हुये । अब इसमें 8 का भाग दिया । तो 4 बार गया । और 32 कट कर शेष 2 ही बचा । यानी राम नाम के 2 अक्षर । इसी तरह आप किसी भी व्यक्ति वस्तु आदि कुछ भी कहीं भी के नाम के अक्षरों में यह सूत्र लगायें । शेष 2 ही रहेगा ।
ऐसा किस आधार पर - प्रकृति पूरी अक्षर में बंधी है । यानी पूरा व्यवहार बरताव अक्षरों से ही होता है । 4 युगों का कालचक्र होता है । इसलिये 4 का गुणा किया जाता है । 5 तत्व का शरीर बना है । इसलिये 5 जोङा जाता है । प्रकृति और पुरुष मुख्य इन 2 ही से संसार है । इसलिये 2 का गुणा किया जाता है । और क्योंकि हर चीज का निचोङ निष्कर्ष मन से करते हैं । और मन 5 तत्व के शरीर और 3 गुण के द्वारा कार्य लेता है । इसलिये 8 का भाग देते हैं । तब राम कैसे कण कण में है । सिद्ध हुआ ।
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राम नाम 1 अंक है । सब साधन है शून्य 0
अंक रहे 10 गुण्य ( गुणा ) है । अंक गये सब शून्य 0 
- इसका अर्थ है । राम यानी चेतना सहयोग ( या संयुक्त हुये ) बिना आपके सभी प्रयास 0 हैं । और 1 राम के जुङते ही यह 10 या 100 गुणा फ़लदायी हो जाते हैं ।
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शादी शुभ या अशुभ ?
स्त्री पुरुष दोनों के नाम के अक्षर और मात्रायें जोङकर 2 का भाग  दिया जाता है । भागफ़ल के बाद यदि शेष में 0 बचता है । तो अशुभ । और यदि शेष अन्य कुछ भी बचे । तो शुभ । अक्षर और मात्रायें जोङने का तरीका नीचे वाले सूत्र से जानें ।
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स्त्री पुरुष दोनों में से किसकी मृत्यु पहले ?
स्री पुरुष के नाम के दोनों के अक्षरों का 2 गुना करें  । फ़िर दोनों की मात्राओं का 4 गुणा करें । अब दोनों को जोङ लें । फ़िर 3 का भाग दें । यदि शेष  0 या 1 बचे । तो पुरुष की मृत्यु पहले होगी । 2 शेष बचे तो स्त्री की मृत्यु पहले होगी ।
पति पत्नी किसी भी 1 के ( पूर्व में ) मरे होने पर जब इस सूत्र द्वारा परखा गया । तो वह 98% सत्य निकला । सिर्फ़ कुछ अपवाद को छोङकर । जिनमें स्त्री पुरुष के सही नाम वगैरह पर संशय था । या नाम बदल दिये गये थे । या नामों में देवत्व का प्रभाव था । जैसे - राम प्रसाद । शंकर लाल । विष्णु दयाल आदि । इसके कुछ सत्य उदाहरण देखिये । निम्न उदाहरणों में अधिकांश चिन्ताहरण आश्रम के पास के निवासियों द्वारा वहीं के स्थानीय लोगों के बताये गये हैं ।
- पुष्पा में हुयी 3 अक्षर 2 मात्रायें ।
राजीव में 3 अक्षर 2 मात्रायें । राजीव पहले मरा ।
कैसे - पुष्पा 3 अक्षर । राजीव में 3 अक्षर । दोनों हुये 6 । इसके दोगुने हुये 12 । अब पुष्पा में उ और अ की 2 मात्रायें । राजीव में अ और ई की 2 मात्रायें । दोनों की मात्रायें मिलाकर 4 हुयी । और इसके 4 गुणा 16 हुये । अब 12 और 16 को जोङ दें । तो 28 हुये । 28 में 3 का भाग देने से 9 बार गया । और शेष 1 बचा । यह सत्य है कि इसमें राजीव की ही मृत्यु पहले हुयी थी ।
- साधना में 3 अक्षर 2 मात्रायें 
राजीव में 3 अक्षर 2 मात्रायें । साधना पहले मरी ।
- ऊषा 2 अक्षर 2 मात्रायें ।
रामनरेश 5 अक्षर 2 मात्रा । रामनरेश पहले मरे ।
- कांति  3 अक्षर 2 मात्रायें 
उदयवीर  5 अक्षर 1 मात्रा । उदयवीर पहले मरे ।
- स्नेहलता 5 अक्षर 2 मात्रायें 
सर्वेश 4 अक्षर 1 मात्रा । सर्वेश पहले मरे ।
- रमाशंकर 6 अक्षर 1 मात्रा । इनका नाम रमा रमा कहकर पुकारते थे । अतः रमा ही मानेंगे ।
अलका  3 अक्षर 1 मात्रा । रमाशंकर की मृत्यु पहले हुयी ।
- मानवीर 4 अक्षर 2 मात्रायें ।
मिथलेश 4 अक्षर 2 मात्रायें । मिथलेश पहले मरी ।
- छोटेलाल 4 अक्षर 3 मात्रायें ।
ओमवती  4 अक्षर 2 मात्रायें । छोटेलाल पहले मरे ।
- होरीलाल 4 अक्षर 3 मात्रायें ।
रामभेजी 4 अक्षर 3 मात्रायें । होरीलाल पहले मरे ।
- शिबी 2 अक्षर 2 मात्रायें । 
शशि 2 अक्षर 1 मात्रा । शशि पहले मरी ।

- रेखा 2 अक्षर 2 मात्रा । 
सतीश 3 अक्षर 1 मात्रा । सतीश पहले मरा ।
प्रसिद्ध ऐतहासिक उदाहरण ।

- रावण 3 अक्षर 1 मात्रा ।
मन्दोदरी 5 अक्षर 2 मात्रायें । रावण पहले मरा ।
- बालि 2 अक्षर 2 मात्रायें । 
तारा 2 अक्षर 2 मात्रायें । बालि पहले मरा ।

- राम  2 अक्षर 1 मात्रा ।
सीता 2 अक्षर 2 मात्रा । सीता पहले मरी ।

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