27 अक्तूबर 2012

मेरे लिये तो बहुत अदभुत है चिंताहरण - अशोक


परम आदरणीय श्री महाराज जी
जिनके सुमरन मात्र से आती है पूर्ण निर्भयता
निश्चिंतता और आनन्द ही आनन्द
और जिनके दर्शन मात्र से हो जाते हैं सभी प्रश्न खत्म
उन्हीं सदगुरुदेव का है ये परम धाम
नई INDICA V2 का आश्रम गेट से ( अन्दर आश्रम में ) प्रथम प्रवेश
क्या है असली सनातन धर्म - स्थानीय ग्रामीणों के लिये आश्चर्य
गाय की सेवा में लगा 1 साधु । अभी 3 देशी गाय हैं आश्रम में 
आक्सीटाक्सिन इंजेक्शन और रासायनिक दवाओं रासायनिक खादों से पूर्णतया रहित लौकी तोरई सीताफ़ल भिंडी पालक आदि आदि भोजन के काम आते हैं आश्रम में । सारी सब्जियाँ दूध घी छाछ मक्खन पूर्ण शुद्ध और अपना बनाया  हुआ 
हमारी शिष्या मीनू ।
शुद्ध हवा पानी पर्यावरण से युक्त । फ़िरोजाबाद ( के प्राइवेट बस स्टेंड - थार पूंठा ) से सिर्फ़ 23 किमी दूर नगला भादों से आन रोड ही है हमारा चिंताहरण आश्रम । बस आश्रम से सिर्फ़ 100 मीटर दूर से निकलती है ।
आज के समय में किसी को भी बहुत बङा आश्चर्य हो सकता है । सिर्फ़ 10 फ़ुट नीचाई पर है आश्रम में जल स्तर WATER LEVEL जबकि 23 किमी दूर फ़िरोजाबाद में कई गुना नीचे
आश्रम में जाने वाले बताते हैं - ऐसा लगता है । जन्म जन्म का बोझ उतर गया ।
क्या है इस चिंताहरण में ? जो सबकी चिंतायें मिट जाती हैं ।
असली सतनाम दीक्षा । महामंत्र । सुरति शब्द साधना । और सनातन धर्म पुनर्स्थापना का सर्वोच्च केन्द्र - चिंताहरण आश्रम
आश्रम में फ़ूलों की सौन्दर्य
आश्रम संस्थापक की पत्नी । गोद में दिल्ली से गया बच्चा
छत पर हाल में बैठी बच्ची । सहज योग की दीक्षित
मेरे घर आयी हुयी शिष्या । आसमानी रंग के सूट में 
( आश्रम से जुङे शिष्य ) ये जबरदस्ती के मेहमान पीछा नहीं छोङते मेरा । रोज कोई न कोई आ ही जाता है । जबकि मैं स्वभाव से बहुत बहुत रूखा हूँ ।
हमारे शिष्य इतने छोटे भी 
अभी बहुत Busy है अशोक । समय मिलते ही बतायेगा । सिर्फ़ ( दीक्षा के बाद  ) 5 महीने के अन्दर सुखदायी परिवर्तनों का इतिहास सा लिख गया उसके अन्दर 
सभी चित्र हमारे शिष्य अशोक द्वारा 22-23 OCT 2012 को लिये गये ।

एक टिप्पणी भेजें

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Follow by Email