25 जुलाई 2012

पहले कश्मीर फिर केरल और अब आसाम


The Only Alive God On Earth At This Time Is The COWs & GAU; save cows
मेरा निवेदन है कि इस लेख को थोड़ा समय देकर पढें । आजादी के बाद कांग्रेस सरकार के प्रंधानमंत्री नेहरु
की कश्मीर नीति की विफलता और मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण देश को कश्मीर समस्या का एक जख्म मिला । जो आज नासूर बन गया है ।
कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा फहराया जाता है । कहने को तो कश्मीर भारत का हिस्सा है । लेकिन श्रीनगर के लाल चौक पर भारत सरकार की इतनी हिम्मत नही है कि वहाँ तिंरगा फहरा सके ।
। हजारों कश्मीर पंडितो का कत्ले आम हुआ । स्थानीय निवासी अपने ही राज्य में आज भी शरणार्थी बने हुये है । पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं । लेकिन बहरी जम्मू कश्मीर और केन्द्र की कांग्रेस सरकार को ये सुनाई नहीं देते । लेकिन उससे सबक ना लेते हुये कांग्रेस सरकार ने इस देश के लिये " एक और कश्मीर " तैयार कर दिया है । असम में हालात खराब हैं । बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों ने संगठित होकर
स्थानीय निवासियों को कत्ले आम शुरु कर दिया है । अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 ( सरकारी आंकड़े ) हकीकत हजारों में है । । हिंसा राज्य के 11 जिलों के करीब 500 गांवों में पहुंच गई है । वहीं प्रदेश में अब तक 2 लाख लोग घर छोड़कर भाग चुके हैं । 50 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों की शरण ले चुके हैं । 
बोडो लोगों की रिहायश वाले राज्य के आठ जिलों में तनाव का माहौल है । हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से अर्द्धसैनिक बलों की 50 और कंपनियां मांगी हैं । आठ जिलों में कर्फ़्यू लगा है । देखते ही गो्ली मारने के आदेश जारी कर दिये हैं । पूरे हिंदुस्तान का संपर्क इस समय वहाँ से टूटा हुआ है ।
कल रात राजधानी एक्सप्रेस पर हमला हुआ । करीब 37 ट्रेन रद्द हैं । और 30 हजार यात्री असम में भूखे प्यासे फंसे हुये हैं । इन हालातों के जिम्मेदार कौन ?
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जिम्मेदार हैं - बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठिये । जिन्हें कांग्रेस सरकार ने मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति पर चलते हुये राजनैतिक संरक्षण दिया । वर्षों से अवैध बांग्लादेशियों को इस देश में शरण दी जाती रही है । और एक अध्ययन और BBC की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 3 करोड़ बाग्लादेशी अवैध रुप से भारत में रहते हैं । इन्हें कभी देश से नहीं निकाला गया । क्योंकि ये कांग्रेसी वोटर हैं । खुद कांग्रेसियों ने इनके फर्जी वोटर कार्ड बनवाये । इस वीडियो को देखें कि - कैसे पकड़े गये बांग्लादेशियों ने फर्जी नागरिकता दस्तावेज बनवाये । ये महिला कबूल कर रही है कि - ये कांग्रेसी वोटर है । और बांग्लादेशी है । http://www.youtube.com/watch?v=yprBKTOgnkI 
असम के सोनारिपारा में पाकिस्तानी झंडा फहरा दिया दिया है ।
देखें वीडियो http://www.youtube.com/watch?v=0oI-PjQkXx4 
कहाँ है - इस देश का मीडिया ? सरकार ? वो सब राष्ट्रपति की ताजपोशी में लगे हैं । इसका आम आदमी ऐसे ही मरता रहा है । और आगे भी मरता रहेगा । आज असम में कत्ले आम हो रहा है । कल हमारी बारी है । आप सोते रहो । कर भी क्या सकते हो ? इंसानी लाशो का तमाशा देखने के सिवा । जब रोम जल रहा था । तब नीरो बंसी बजा रहा था । ये बात तो हुई पुरानी । आज का आधुनिक नीरो भारत में है । नाम है - मनमोहन सिंह । पद - प्रधानमंत्री भारत सरकार । काबिलियत - संसद के पिछले दरबाजे ( राज्यसभा ) से निर्वाचित । जिनको भारत की जनता ने नहीं चुना । उनको आसाम की एक राज्य सभा सीट के जरिये भारत पर खडाऊ शासन के लिये नियुक्ति मिली है । फिलहाल मुद्दा ये है कि प्रधानमंत्री जिस आसाम के पते से निवाचित हुए हैं । और बही आसाम पिछले एक महीने से भीषण बाढ़ की चपेट में है । आसाम के कई हिस्सों का संपर्क भारत से कट चुका है । इसी वीच कोढ़ में खाज जैसी स्थिति तब पैदा हुई । जब कांग्रेस के स्थायी वोट बैक ie बंगलादेश से आये मुस्लिम घुसपैठियों ने बड़ी संख्या में स्थानीय निबासियो का कत्लेआम करना शुरू कर दिया । ये बही आसाम है । जहाँ पर अक्सर सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों की मुस्लिम घुसपैठियों द्वारा घेर कर हत्याएं की जा चूकी हैं । सूचना मिली थी कि राष्ट्रपति चुनाव की गतिविधियों में से कुछ घंटो का समय निकाल कर भारत के दोनों प्रधानमंत्रियों ने ( घोषित + अघोषित )
आसाम का हवाई सर्वेक्षण करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है । आसाम के हालत इस समय इतने खराब हैं कि उस पर विदेशी मीडिया भी चिंता प्रकट कर रहा है । लेकिन भारत के नीरो मनमोहन एंड कम्पनी की बात तो छोडिये । खुद को लोकतंत्र का चौथा खंभा कहने का दम भरने बाला मीडिया भी सन्नाटा मारे है ।
http://www.bbc.co.uk/news/world-asia-india-18964870 -
मित्रो ! आसाम मे बांग्लादेशियो का हौसला इतना कैसे बढ गया कि वहाँ उन्होंने नापाकिस्तान का झण्डा फहरा दिया ? मैं बताता हुँ - कुछ साल पहले महज वोटों के लिये यूपीए - 1 के एक मंत्री रामविलास पासवान का ये बयान आया - बांग्लादेशियों को भारत का नागरिक बना दिया जाये । उन्हें मत का अधिकार दिया जाये । और उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया जाये । अल्पसंख्यको के हितों का संरक्षण किया जाये । जब भ..वे मंत्रियों के ये बयान होंगे । तो भारत मे इसी तरह कश्मीर पे कश्मीर बनते जायेंगे । इसीलिये जागो । और देश बचाओ । आसाम में एक कमी रह गयी थी । वो भी अब पूरी हो गयी है । बहुत बहुत बधाई हो । इस देश के सेकुलर और धर्मनिरपेक्ष लोगों को । जो अब भी भाई भाई का नारा देते हैं । जिहादी मुल्लों ने जिन बोडो हिन्दू आदिवासी इलाकों को आतंक और मार काट से खाली करवाया था । अब वहाँ पाकिस्तानी झंडा लहरा दिया है । सरे आम तथाकथित धर्म निरपेक्ष सविंधान और कानून
व्यवस्था का बलात्कार किया जा रहा है
http://www.youtube.com/watch?v=1B60_gPf0Ro 
आसाम में कई जगह मुसलमानों ने पाकिस्तान का झंडा फहरा दिया है । ये देखिये टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट । अब कहाँ छुपा है भोंदू युवराज ? भठ्ठा परसौल में नौटकी करता था । अब कोकराझार में जाकर कब नौटंकी करेगा ? मित्रों ! सिर्फ दो टके के वोट के लिए कांग्रेस ने इस देश को आज बर्बाद कर दिया है । पहले कश्मीर । फिर केरल और अब आसाम । जागो हिन्दुओ जागो । अब जाति पाति से उपर उठकर सम्पूर्ण हिन्दुत्व के बारे में सोचो । गुजरात के पटेल मित्रो ! किसी भी बापा के बहकावे में आने से पहले एक बार आसाम के बारे में जरूर सोच लेना । एक जमाने में असाम में हिंदू कई जाति और जनजातियों में बटी थी । जैसे - गारो । खासी । जयंतिया । बोडो । मारवाड़ी । बिहारी । प्रवासी आदि । लेकिन आज सब एक होकर
बंगलादेशी मुसलमानों का मुकाबला कर रहे हैं । खबर आसाम से है । असम में बंगलादेशी घुसपैठियों ने


बोडो जाति के हिन्दुओं को मार कर भगा दिया है । और असम में लगा दिया है - पाकिस्तान झंडा ।
कांग्रेस ने वोटों के लालच में इन बंगला देसी मुल्लों को शरण दी । और कांग्रेस का साथ और समर्थन पा कर ही आज ये अपनी औकात भुला बैठे है । 
कांग्रेसियों की इस हरकत को देख कर मुझे एक बहुत पुरानी कहानी याद आ रही है । बहुत पहले एक राजा हुआ करता था - जयचंद । उसने प्रथ्वीराज चौहान को हराने के लिए मुल्लों का साथ दिया । उम्मीद थी कि हम इसी तरह राज़ करते रहेंगे । हुआ उल्टा ही । मुल्लों से हाथ मिलाया । मुल्लों ने पीठ पर वार किया । न सत्ता बची । न जान । कुछ ऐसा होता आज भी नज़र आ रहा है । सत्ता के लिए मनमोहन सरकार इनका साथ तो दे रही है । पर कहीं न कहीं अपने पतन की और बढ़ रही है । पर याद रहे दोस्तों । जयचंद की उस एक गलती ने हमें सालों तक गुलामी की जंजीरों में लपेट दिया था । अब हम ऐसा नहीं होने देंगे । और उसके लिए जरुरत है । खड़े होकर आवाज उठाने की । किसी के भरोसे मत रहो । कोई कुछ नहीं करेगा । जो करना है । आपको खुद ही करना होगा । कश्मीर में जब हिन्दू मर रहा था । तो कोई नहीं गया । ना आज आसाम में कोई जा रहा है । दोस्तों ! कोई भगवा पहन कर सर पर काली टोपी लगाने वाला संत कभी संत नहीं हो सकता । कोई मुल्लों के आगे हाथ फ़ैलाने वाला किसी हिन्दू के लिए लड़ने नहीं आएगा । मित्रों हिन्दुत्व की कीमत पर हमे कोई नीला पीला और काला धन नहीं चाहिए । नहीं चाहिए । कोई लोकपाल और जोकपाल । हिन्दुत्व की कीमत पर । अगर अपना घर अपना परिवार बचाना है । तो उठ खड़े हो जाओ ।
और अपने अन्दर के हिन्दुत्व को जगाओ । या फिर सेकुलर बन अपनी बारी का इंतजार करो । हो सकता है । आप बच भी जाओ । पर आपकी अगली पीढ़ी कभी नहीं बच पायेगी । जय महाकाल !
अगर असम में हिंदुओं के नरसंहार को आप टीवी चैनलों पर नहीं देख पा रहें हैं । तो उसके पीछे कुछ खास वजहें हैं । राजदीप सरदेसाई के अनुसार - जब तक 1000 हिंदू नहीं मरते । तब तक वो कोई खबर ही नहीं है । बेचारे को गुजरात के दंगों से बड़ा सदमा पहुँचा हुआ लगता है । या फिर मुँह में इतने पैसे ठूंस दिए गए हैं कि - सच नहीं निकाल पा रहा है । अगर लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ऐसा होता है । तो मैं थूकता हूँ । ऐसी मीडिया के दलालों पर । जिनके लिए दंगे तो केवल 'गुजरात' में होते हैं । और दंगा पीड़ित केवल मुसलमान होते हैं । आ......क थू । सोचिए जरा ।
साभार - http://www.facebook.com/photo.php?fbid=447539085277024&set=a.242016039162664.64418.242011395829795&type=1 क्लिक करें ।
इस लेख पर कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ -
 1 नरेश आर्य - विश्वस्त सूत्रों से खबर आई है कि वर्तमान समय में जो देश के हालात है ( बरेली में कांवड़ियों के ऊपर मुसलमानों द्वारा हमला । दिल्ली में मुसलमानों द्वारा सुभाष पार्क पर नाजायज कब्ज़ा । आसाम में बंगलादेशी मुसलमानों द्वारा एक लाख हिन्दुओं को मारपीट कर भागना ) उसके लिए अन्ना और रामदेव के आंदोलनों से घबराई कोंग्रेस सरकार अपने आपको बचाने के लिए और जनता का ध्यान आंदोलनों से भटकाने के लिए इन सब मुसलमानों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़का कर दंगे करवाना चाह रही है । वरना क्या एक भी कोशिश नहीं की जाती । इन सबको रोकने के लिए ?
2 The Only Alive God On Earth At This Time Is The COWs & GAU; save cows 
आसाम के दंगे । देशी के बजाय विदेशी मीडिया कर रहा है । आसाम के दंगो की रिपोर्टिंग ।  देश का इलेक्ट्रानिक मीडिया खुद को खुदा समझता है । बड़ी बड़ी बातें करना । और देश की सुरक्षा का इकलौता ठेकेदार समझना । उसका सबसे पसंदीदा शगल है ।
लेकिन जरा ध्यान दीजिए । फ़िल्मी हीरो हीरोइनों क्रिकेटरों की तलबा चाटी करने । खबरों के लिये उनके आगे पीछे घूमने । और कभी कभी राखी सावंत के चुम्मे की कबरेज करने बाला मीडिया आसाम के परिदृश्य से पूरी तरह गायब है । इस समय आसाम के 11 जिले दंगो की चपेट में है । सरकारी आंकडो के अनुसार 63678 लोग सरकारी कैम्पों में पहुँच चुके हैं ।  आसाम से मिल रही खबरों के अनुसार लगभग 170000 लोग बेघर हुए हैं । हजारों मकानों को जलाया जा चुका है । कुछ जगहें ऐसी है । जहाँ खुले आम हत्या । लूट । बलात्कार जारी है । लेकिन भारत का मीडिया अपने आरामदायक बिलों में छिपा बैठा है ।
आसाम से जितनी भी खबरें या चित्र आ रहे हैं । उन सबकी कबरेज विदेशी मीडिया कर रहा है । अब तक आई सूचनाओं में सबसे जादा रिपोर्टिंग बी. बी . सी लंदन के पत्रकारों द्वारा की गयी है ।
3 Saurabh Sah - अब हैदराबाद को ही ले लो । आपको जानकर आश्चर्य होगा कि - वहाँ के मंदिरों में घंटी बजाने पर रोक है । अगर आपने घंटी बजाई । तो आपकी बज जायेगी । हा..हा .हा... क्या बात है । मुसलमान 24 धंटे में 5 बार ( 2 बार तो रात में ) माइक पर चिल्लाये । तो कोई बात नहीं । लेकिन हिन्दू अगर 24 घंटे में 2 बार सुबह शाम घंटी बजाये । तो उनकी "फ..ने" लगती है । और उन्होंने वहाँ पर कानून बना डाला कि - हैदराबाद में घंटी नहीं बजेगी कोई मंदिर में । और कोई हिन्दू कुछ नही उखाड़ पाया । इस बार भी ऐसा ही होगा । देख लियो । इसलिए हिन्दुओं मैं तो एक ही बात कहूँगा - Always Take Care तुम रहोगे । तभी तो तुम्हारी वंश रहेगी । बाकी तुम जानो । और तुम्हारा काम । जय राम जी की & I Again Say - TAKE CARE और हाँ Good Night...Bye..
सभी जानकारी और चित्र साभार बेवपेज से - http://www.facebook.com/photo.php?fbid=447539085277024&set=a.242016039162664.64418.242011395829795&type=1 
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