25 अप्रैल 2012

आत्म ज्ञानी सन्त ज्ञानेश्वर की गीता व्याख्या के लिंक

आदरणीय राजीव जी  ! जय गुरुदेव की । गीता प्रेस गोरखपुर की सन्त ज्ञानेश्वर का " श्री ज्ञानेश्वर " के नाम से हिन्दी में पुस्तक निकाली है । जो कि 832 page की है । यदि आप कहें । तो मैं उसे लेकर रोज 2-4 page टायप करा के आपको मेल कर दिया करूँ । दूसरा जो internet पर है । वह जल्दी खुल नहीं रहा है । उसका adress लिंक है -
http://www.scribd.com/collections/2817781/Jnaneshwar
और जब तक कुछ नहीं मिल पा रहा । तब तक ये ब्लाग के पाठकों को Dr Kumar Vishvas डा. कुमार विश्वास का कवि सम्मेलन का आनन्द देने की कृपा करें । यदि आप चाहें तो । इसमें कुछ अच्छी बाते भी हैं ।
Thanks
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गाजियाबाद के बहुचर्चित कवि कुमार विश्वास की MP3 फ़ाइल को या ऐसी ही अन्य फ़ाइल को अपलोड करने के लिये मेरे पास opendrive.com/ ( क्लिक करें ) जैसी किसी साइट पर खाता नहीं हैं । इस साइट पर मेरा जो खाता था । वह अष्टावक्र गीता में 1GB स्पेस पूरा होते ही फ़्री स्पेस खत्म हो गया । अब कोई भी MP3 फ़ाइल लिंक पाठको को उपलब्ध कराने हेतु मुझे नया खाता नये नाम से खोलना होगा । और फ़ाइल अपलोड कर उसका कोड पोस्ट में लगाना होगा । तब वह MP3 फ़ाइल पाठकों को सुनने या  डाउनलोड करने को उपलब्ध हो जायेगी । पर ये सब करने के लिये मेरे पास समय नहीं है । यदि आप चाहते हैं । तो इसी साइट पर अपना खाता खोलकर 1GB तक फ़्री डाटा कई फ़ाइलों में डाउनलोड कर उसका embed Code मुझे मेल से भेज सकते हैं । तब मैं उसको पोस्ट में लगा दूँगा ।
बाकी आपने वाकई बेहद महत्वपूर्ण ज्ञानेश्वर गीता की हिन्दी व्याख्या के लिंक की खोज की है । मैंने इस साइट पर सीधे सीधे उन्ही पेजों के लिंक कापी किये । जहाँ ये गीता आदि व्याख्या हिन्दी PDF फ़ाइल में उपलब्ध है । और आप उनको सीधा डाउनलोड भी कर सकते हैं । फ़िर इसके 1 से 18 अध्याय डाउनलोड करना या टायप करना कोई बङी बात नहीं है ।
लेकिन गीता प्रेस की किताब का कोई फ़ायदा नहीं । वह लोग ( वहाँ के टीकाकार आदि ) आत्म ज्ञान के विषय में नहीं जानते । उनकी अधिकांश पुस्तकें द्वैत ज्ञान पर आधारित हैं । वो भी भक्ति भाव में । न कि किसी शोध के अन्दाज में । अतः उसका कोई फ़ायदा भी नहीं । और वैसे भी किसी प्रकाशन की पुस्तक को इस तरह नहीं छापा जा सकता । कुछेक अंशों की बात अलग है । लेकिन ज्ञानेश्वर गीता की व्याख्या छापी जा सकती है । फ़िर वह चाहें । किसी प्रकाशक ने छापी हो । क्योंकि 50 साल से अधिक पुरानी पुस्तकों पर कापीराइट खत्म हो जाता है ।
नीचे 13 वीं सदी के महान आत्म ज्ञानी सन्त ज्ञानेश्वर जी सम्बन्धित लिंक हैं । इन्हें क्लिक करने पर सीधा वही पेज खुलता है । और आराम से खुलता है । मैं आपको बता दूँ । सन्त ज्ञानेश्वर जी आत्मज्ञान के सच्चे और बहुत उच्च स्तर के सन्त हुये हैं । इनके समान भगवत गीता की टीका व्याख्या आज तक कोई नहीं कर पाया । ये बहुत छोटी उमर में शरीर त्याग कर चले गये थे । और सिर्फ़ गीता की व्याख्या करने हेतु ही इस प्रथ्वी पर प्रकट हुये थे । इनका जन्म नहीं हुआ था ।
सन्त ज्ञानेश्वर से सम्बन्धित विभिन्न पेजों की संयुक्त जानकारी देता पेज । इसी लाइन या नीचे वाली पर क्लिक करें ।
http://www.scribd.com/collections/2817781/Jnaneshwar
सन्त ज्ञानेश्वरी गीता हिन्दी अध्याय 1-to-6 इसी लाइन पर या नीचे क्लिक करें ।
http://www.scribd.com/Soham%20Hamsah/d/13571198-Jnaneshwari-Gyaneshwari-Hindi-Chapters-1-to-6
सन्त ज्ञानेश्वरी गीता हिन्दी अध्याय 7-to-12 इसी लाइन पर या नीचे क्लिक करें ।
http://www.scribd.com/Soham%20Hamsah/d/13572021-Jnaneshwari-Gyaneshwari-Hindi-Chapters-7-to-12
सन्त ज्ञानेश्वरी गीता हिन्दी अध्याय 13-to-16 इसी लाइन पर या नीचे क्लिक करें । http://www.scribd.com/Soham%20Hamsah/d/13572653-Jnaneshwari-Gyaneshwari-Hindi-Chapters-13-to-16
सन्त ज्ञानेश्वरी गीता हिन्दी अध्याय 17-18 इसी लाइन पर या नीचे क्लिक करें ।
http://www.scribd.com/Soham%20Hamsah/d/13573452-Jnaneshwari-Gyaneshwari-Hindi-Chapters-17-18
ये  भी सन्त ज्ञानेश्वर जी से सम्बन्धित बहुमूल्य ज्ञान है । इसी लाइन पर या नीचे क्लिक करें ।
http://www.scribd.com/Soham%20Hamsah/d/47168103-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE
सन्त ज्ञानेश्वर अभंग गाथा इसी लाइन पर या नीचे क्लिक करें ।
http://www.scribd.com/Soham%20Hamsah/d/18944126-Jnaneshwar-Abhang-Gatha-Marathi-
यहाँ पता नहीं क्या है ? ये इसी साइट से खुल गया था । क्लिक करके देखें ।
http://www.here-now4u.de/
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