12 जून 2016

दुर्योधन की आयु कितनी थी

100 पुत्रों को लेकर सबसे प्रसिद्ध माँ मेरे विचार से गांधारी ही है । यद्यपि धार्मिक साहित्यों में किसी किसी स्त्री द्वारा इससे भी अधिक सन्तान पैदा करने का जिक्र है । पर वे गांधारी जैसी प्रसिद्ध नहीं ।
जो भी हो, अभी बात सिर्फ़ गांधारी को लेकर है । मुझे लगता है । पहली सन्तान के समय गांधारी 16 से 20 आयु की अवश्य रही होगी । और यदि माना जाय कि उसने 1 वर्ष में एक बालक को जन्म दिया । तो सबसे बङे दुर्योधन की आयु उस समय लगभग 99 और गांधारी की 120 लगभग होगी । जिस समय दुर्योधन के सबसे छोटा भाई का जन्म हुआ होगा । 
अब जैसा कि महाभारत में सभी 100 कौरव मारे गये । तो लङने वाला सबसे छोटा भी 16-20 का तो होगा ही । इस तरह दुर्योधन की आयु युद्ध समय में 116-20 के आसपास रही होगी । अन्य की एक एक वर्ष उतरते क्रम में होगी ।
ध्यान रहे - श्रीकृष्ण की कुल आयु 120 वर्ष थी । इसका क्या सच है ? कोई समाधान कर सकता है ।
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पाण्डव पांच भाई थे । जिनके नाम 1 युधिष्ठिर 2 भीम 3 अर्जुन 4 नकुल 5 सहदेव हैं ( कर्ण भी कुंती पुत्र थे । परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं है ) युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन की माँ कुन्ती तथा नकुल और सहदेव की माद्री थी ।
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धृतराष्ट्र और गांधारी के 100 पुत्र..कौरव कहलाए जिनके नाम हैं 
1 दुर्योधन 2 दुःशासन 3 दुःसह 4 दुःशल 5 जलसंघ 6 सम 7 सह 8 विंद 9 अनुविंद 10 दुर्धर्ष
11 सुबाहु 12 दुषप्रधर्षण 13 दुर्मर्षण 14 दुर्मुख 15 दुष्कर्ण 16 विकर्ण 17 शल 18 सत्वान
19 सुलोचन 20 चित्र 21 उपचित्र 22 चित्राक्ष 23 चारुचित्र 24 शरासन 25 दुर्मद 26 दुर्विगाह
27 विवित्सु 28 विकटानन्द 29 ऊर्णनाभ 30 सुनाभ 31 नन्द 32 उपनन्द 33 चित्रबाण 
34 चित्रवर्मा 35 सुवर्मा 36 दुर्विमोचन 37 अयोबाहु 38 महाबाहु 39 चित्रांग 40 चित्रकुण्डल
41 भीमवेग 42 भीमबल 43 बालाकि 44 बलवर्धन 45 उग्रायुध 46 सुषेण 47 कुण्डधर 48 महोदर 49 चित्रायुध 50 निषंगी 51 पाशी 52 वृन्दारक 53 दृढ़वर्मा 54 दृढ़क्षत्र 55 सोमकीर्ति
56 अनूदर 57 दढ़संघ 58 जरासंघ 59 सत्यसंघ 60 सदसुवाक 61 उग्रश्रवा 62 उग्रसेन 63 सेनानी 64 दुष्पराजय 65 अपराजित 66 कुण्डशायी 67 विशालाक्ष 68 दुराधर 69 दृढ़हस्त 70 सुहस्त 71 वातवेग 72 सुवर्च 73 आदित्यकेतु 74 बह्वाशी 75 नागदत्त 76 उग्रशायी 77 कवचि 78 क्रथन
79 दण्डी 80 दंडधार 81 धनुर्ग्रह 82 वीरबाहु 83 अलोलुप 84 अभय 85 दृढ़कर्मा 86 दृढ़रथाश्रय
87 अनाधृष्य 88 कुण्डभेदी 89 विरवि 90 उग्र 91 प्रमथ 92 प्रमाथि 93 दीर्घरोमा 94 वीर्यवान
95 दीर्घबाहु 96 महाबाहू 97 कनकध्वज 98 कुण्डाशी 99 विरजा 100 युयुत्सु
( 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहन दुशाला थी, जिसका विवाह जयद्रथ से हुआ था )
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700 श्लोक वाली गीता रविवार के दिन एकादशी तिथि को लगभग 45 मिनट में सुनाई । श्रीकृष्ण ने - 574 अर्जुन ने - 85 धृतराष्ट्र ने - 1 संजय ने - 40 श्लोक कहे ।
गीता की गिनती उपनिषदों में आती है । गीता महाभारत के एक अध्याय शांतिपर्व का एक हिस्सा है ।
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