03 मई 2011

श्री महाराज जी पटियाला पहुँच गये हैं ।

कल शाम 4 बजे के लगभग मेरी श्री महाराज जी से जब फ़ोन पर बात हुयी थी । तब वे अलीगढ में थे । फ़ोन में कुछ डिस्टर्बेंस टायप का आ रहा था । अतः अधिक बात नहीं हो पायी । मैंने पूछा भी कि कहाँ जाने का विचार है । पर श्री महाराज जी ने कोई निश्चित नहीं बताया ।
लेकिन आज सुबह 4 may 2011 को 7: 17 am पर पटियाला से प्रीत इंदर जी का फ़ोन आया । राजीव जी..श्री महाराज जी पटियाला पहुँच गये हैं ।
जैसा कि मैंने पहले ही कहा था कि श्री महाराज जी के पटियाला या मोहाली या चंडीगढ पहुँचते ही मैं ब्लाग पर इसकी सूचना अवश्य दूँगा ।

अतः पटियाला या आसपास के लोग सच्चा आध्यात्म ग्यान या आध्यात्म उपचार या चेतन समाधि या नामदान या हँसदीक्षा हेतु लेख में नीचे दिये गये पटियाला वाले पते पर निसंकोच सम्पर्क कर सकते हैं । या सीधे सीधे भी जा सकते हैं ।
कलियुग केवल नाम अधारा । सुमरि सुमरि नर उतरहिं पारा
जपु आदि सचु जुगादि सचु । है भी सचु नानक होसी भी सचु ।
जो विरंचि शंकर सम होई । गुरु बिनु भव निधि तरे न कोई ।
राम कृष्ण से कौन बङ । तिन हू ने गुरु कीन । तीन लोक के ये धनी । गुरु आग्या आधीन ।
यानी कलियुग में सतनाम ही जीव का उद्धार कर सकता है । मोक्षदायी है । अगला जन्म मनुष्य का दिलाता है । ..तू उसी सच्चे सतनाम का जाप कर । जो आदिकाल यानी शुरूआत से ही चला आ रहा है । जो स्वयँ सच है । और तुझे भी सत्य स्वरूप कर देता है । यानी अविनाशी शाश्वत सत्य परमात्मा से मिला देता है ।

..चाहे वह बृह्मा और शंकर के समान ही क्यों न हो । गुरु के बिना इस संसार सागर से पार नहीं हो सकता ।..भगवान राम और कृष्ण से बङा और कौन हो सकता है ? इन्होंने भी गुरु { राम के गुरु वशिष्ठ जी
 और श्रीकृष्ण के दुर्वासा जी थे } किये थे । तीनों लोकों की ये सबसे बङी शक्ति गुरु की आग्या की आधीन थी ।
आगे का लेख पूर्व प्रकाशित लेख का अंश है । -

खैर..जो लोग सच्चे ग्यान की तलाश में भटक रहे हैं । सतगुरु की तलाश में भटक रहे हैं । सन्तों की वाणियों का रहस्य नहीं समझ पा रहे । अलौकिक ग्यान । दिव्य ग्यान । चेतन समाधि ग्यान या तुरन्त अनुभव आदि के बारे में जानना चाहते है । शाश्वत सत्य को जानना चाहते हैं । वे इस अवसर पर सम्पर्क कर सकते हैं ।

अनदेखी अनजानी विचित्र समस्याओं से जूझते लोग भी सम्पर्क कर सकते हैं ।
मैं यहाँ एक बात स्पष्ट कर दूँ । कुछ लोग मेरे लेखों से ऐसा समझ लेते हैं कि हम तान्त्रिक मान्त्रिक उपचार भी करते हैं ।..ऐसा हरगिज नहीं हैं ।
महाराज जी के पास वही एक दिव्य महाऔषधि है । जिसके लिये कहा जाता है -
निज अनुभव तोहि कहूँ खगेशा । बिनु हरि भजन न मिटे कलेशा ।
जो समस्त कलेशों को काटने में सक्षम है । यानी सीधे सीधे प्रभु से..परमात्मा से आपकी डोर जोङ देना ।
कहने का मतलब श्री महाराज जी के आशीर्वाद से यह सब कार्य सहज होता है । अगर वे आवश्यक समझते हैं । तो इतना और कह देते हैं । सुबह शाम कुछ देर भक्ति भाव से पूजा करो ।
इसलिये जो सच्चा सतनाम । अगला मनुष्य जन्म पक्का देने वाला । आखिर तक ले जाने वाला मोक्षदायी सतनाम ग्यान प्राप्त करना चाहते हैं । जो लोग हँसदीक्षा लेना चाहते हैं । वे महाराज जी से सम्पर्क कर सकते हैं ।

जो लोग काफ़ी समय से किसी या अनेक मंडलों  से जुङे रहे हैं । और दीक्षा ले चुके हैं । परन्तु उन्हें कोई अलौकिक अनुभव नहीं हुआ है । किसी तरह की पढाई चढाई नहीं हुयी । वे लोग भी सम्पर्क कर सकते हैं ।
श्री महाराज जी का और मेरा नम्बर हरेक ब्लाग पर मौजूद है ।
जो लोग हँसदीक्षा लेना चाहते हों { यहाँ मैं एक बात बता दूँ । पहले से नामदान लिये हुये लोग भी आराम से दोबारा या दस बार या पाँच सौ बार नामदान ले सकते हैं । इसमें कुछ भी गलत नहीं होता ।..जब आपको पहले नाम से कोई फ़ायदा ही नहीं हुआ । तो आप संतुष्टि के लिये..मानव जीवन के प्रमुख लक्ष्य के लिये.. मोक्ष के लिये सच्चे गुरु की तलाश करोगे ही । या झूठे गुरु के भरम में दुर्लभ मानव जीवन व्यर्थ कर दोगे । }
वे इस दीक्षा के बारे में कैसे होती है ? क्या नियम है ? क्या चाहिये होता है ? की पूरी जानकारी पटियाला के इस मोबायल नम्बर या ऐड्रेस पर प्राप्त कर सकते हैं ।

0 97806   26513 - प्रीत इंदर जी का मोबायल नम्बर और ऐड्रेस ।
House number 32-G, majithia enclave near railway phatak number 24, patiala
फ़ेमस क्रिकेटर श्री नवजोत सिंह सिद्धू की.. लाल कोठी के पास । पटियाला ।
pin code  147005 ।

चन्डीगढ के आसपास के लोग ये जानकारी इस मोबायल नम्बर पर प्राप्त कर सकते हैं ।
0 98884   13419 कुलदीप सिंह जी । कीरतपुर । चंडीगढ ।
अन्त में आप सबका बहुत बहुत आभार ।
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