01 अगस्त 2013

11 दिन में समाधि ज्ञान


दिल्ली और आसपास के लोगों के लिये एक खास सूचना - यदि आप हमारे मण्डल के शिष्य या साधक हैं । या फ़िर किसी भी और मण्डल या गुरु से जुङे हैं । और अभी तक आपको कोई भी अलौकिक अनुभूति नहीं हुयी 
और त्रिनेत्र 3rd eye या अंतर्ज्ञान या आत्मज्ञान या कुण्डलिनी ज्ञान या चक्र जगाना या सिद्ध मुद्राओं आदि आदि जैसे विषयों पर अपने संशयों का उत्तर चाहते हैं । प्रायोगिक ज्ञान की अनुभूति चाहते हैं । तो सिर्फ़ 11 दिन में इसका सफ़ल अनुभव किया जा सकता है । जो पहले से ध्यान के अच्छे अभ्यासी हैं । वह सर्वोच्च समाधि का अनुभव सीख सकते हैं । दिल्ली में हमारा ये ध्यान समाधि शिविर कार्यकृम 15 अगस्त से प्रारम्भ हो जायेगा । लेकिन इसमें भाग लेने के लिये आपको पहले से पंजीकरण कराना होगा । इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी हेतु आपको फ़ोन नम्बर इसी पेज पर शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा । बाकी इसी ब्लाग में सबसे नीचे सम्पर्क सूत्र में दर्ज श्री राकेश शर्मा जी से भी आप जानकारी ले सकते हैं ।

ये आत्मज्ञान से सम्बन्धित बात हुयी । बाकी यदि आप किसी अज्ञात दैवीय बाधा भूत प्रेत या अजीब सी परेशानी से घिरे हैं । जैसे स्वयं या परिजनों का लगातार बीमार रहना । अजीव से स्वपन आदि आना । घोर निराशा का अनुभव करना । कहीं कोई रास्ता नजर न आना । आत्महत्या जैसे विचार आना आदि आदि ऐसी परेशानियाँ जिनका कारण आपको समझ में न आता हो । तो इसके विशेष विशेषज्ञ श्री राजीव जी इनका समाधान स्वयं दिल्ली में ही करेंगे । इस हेतु भी आपको पहले फ़ोन से सम्पर्क करना होगा ।
ये क्योंकि सूचना टायप ही है । अतः आपको कोई अतिरिक्त बात भी ( जो इस सूचना में न आ पायी हो और ) पूछने योग्य लगती है । तो आप हमसे सम्पर्क कर सकते हैं
दिल्ली और आसपास के लोग श्री राजीव जी से दिल्ली में ही मिलने के बहुत इच्छुक थे । अतः पूर्व पंजीकरण पर आप उनसे दिल्ली में ही मिल सकते हैं ।
श्री राजीव कुलश्रेष्ठ जी 0 98913 44910
श्री राकेश शर्मा जी 0 84478 15644 & 0 98183 12908

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आप क्या चाहते हैं | मुक्त होना | या मोक्ष पाना ?

मुक्त में आप सीधे परमात्मा के पास जाएँगे | मोक्ष में आपको देवता ,स्वर्ग में भेजा जाएगा | तथा समय पूरा होने पर फिर नरक 84 में धकेल दिया जाएगा | और आप काल निरंजन से फ्री नहीं हो पाएँगे |
पोस्टर इस किताब के आधार पर बनाया गया है |  आप भी पढ़ें http://xa.yimg.com/kq/groups/26166410/1543496589/name/19+Anuragsagar+Vaani.pdf

साभार - हमारे एक परिचित " दीक्षा राइट टू रिकाल 

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